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सीसीटीएनएस के बारे में

अपराध तथा अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (सीसीटीएनएस) एक प्लान स्कीम है जो एक नॉन-प्लान स्कीम कॉमन इंटेग्रटेड पुलिस एप्लीकेशन (CIPA) के अनुभव से विकसित हुआ है। सीसीटीएनएस भारत सरकार के राष्ट्रीय ई-गर्वनेस प्लान के अधीन एक मिशन मोड परियोजना है । 'अपराध की जाँच एवं अपराधियों की पहचान' से संबन्धित आईटी आधारित स्टेट ऑफ आर्ट ट्रैकिंग प्रणाली के विकास हेतु ई-गर्वनेस के सिद्धांत को अपनाते हुए तथा राष्ट्रव्यापी नेटवर्किंग आधारित संरचना के निर्माण द्वारा पुलिस की कार्यकुशलता तथा प्रभाव को बढ़ाने के लिए एक व्यापक एवं समेकित प्रणाली का निर्माण करना सीसीटीएनएस का उद्देश्य है । सीसीटीएनएस परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा 2000 करोड़ रू॰ का आवंटन किया गया है । आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने इस परियोजना को दिनांक 19.06.2009 को अनुमोदित कर दिया था ।

 

सीसीटीएनएस के उद्देश्य :-

इस योजना के उद्देश्य विस्तारपूर्वक निम्न प्रकार से सूचीबद्ध किये जा सकते है :

1. पुलिस के कार्यों को नागरिक केन्द्रित बनाना और पुलिस थानों में कार्यों को स्वचालित करके पारदर्शी बनाना ।
2. आईसीटी के प्रभावी प्रयोग द्वारा नागरिक केन्द्रित सेवाओं के वितरण में सुधार करना ।
3. सिविल पुलिस के जाँच अधिकारियों को टूल्स, तकनीकी तथा अपराध की जाँच एवं अपराधियों की पहचान को सरल बनाने के लिए सूचना प्रदान करना ।
4. विभिन्न प्रकार के अन्य क्षेत्र जैसे कानून एवं व्यवस्था, यातायात प्रबंधन इत्यादि में पुलिस की कार्य प्रणाली में सुधार करना ।
5. पुलिस थानों, जिलों, सं. शा. प्रदेश मुख्यालयों तथा अन्य पुलिस एजेंसियों में परस्पर संवाद को सरल बनाना एवं सूचनाओं को सांझा करना ।
6. पुलिस बलों के बेहतर प्रबंधन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सहायता करना ।
7. न्यायालयों के मामलों सहित अन्य सभी मामलों की प्रगति का कार्य जारी रखना ।
8. नियमावली तथा अनावश्यक रिकॉर्ड के रख-रखाव को कम करना ।

 

वैज्ञानिक तथा तकनीकी संगठनों जैसे फिंगर प्रिंट ब्यूरो, फोरेंसिक लैब इत्यादि सहित पुलिस के पद सोपान में 6000 उच्च कार्यालयों जैसे कि मण्डल, उपमण्डल, जिला, रेंज, जोन, पुलिस मुख्यालयों, राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो जिनके पास जाँच एवं अन्य उद्देश्यों हेतु सहायता एवं सूचना प्रदान करने के लिए अपेक्षित डाटाबेस है, इनके अतिरिक्त सीसीटीएनएस परियोजना के अधीन देशभर में लगभग 14000 पुलिस थानों को स्वचालित किये जाने का प्रस्ताव है ।
 

 

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